नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान की जाए और उन्हें देश से बाहर किया जाए।
नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में शाह ने स्पष्ट किया कि कई पाकिस्तानी नागरिक वर्षों से वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहे हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन सकते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गृह मंत्री ने राज्यों से कहा कि वे स्थानीय प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर ऐसे लोगों की सघनता से पहचान करें और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि और राज्यों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
शाह ने जानकारी दी कि इस दिशा में केंद्र सरकार एक केंद्रीकृत डाटाबेस तैयार कर रही है, जिसमें सभी संदिग्ध विदेशी नागरिकों का विस्तृत विवरण शामिल होगा। राज्यों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर इस डाटाबेस को अपडेट करते रहें और इससे मिली जानकारी के आधार पर कार्यवाही को अंजाम दें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार शरणार्थियों और अवैध घुसपैठियों के बीच स्पष्ट अंतर करती है। भारत हमेशा मानवीय आधार पर शरणार्थियों की सहायता करता रहा है, लेकिन जो लोग बिना कानूनी अनुमति के देश में रह रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना ज़रूरी है।
गृह मंत्री के निर्देशों के बाद कई राज्यों ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कई स्थानों पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा रहा है ताकि ऐसे मामलों की गहराई से जांच की जा सके। केंद्र सरकार आने वाले दिनों में इस अभियान की प्रगति की समीक्षा भी करेगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।















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