उधमपुर में तूफान से पेड़ उखड़े, अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट
नई-दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। रविवार सुबह रामबन जिले के सेरी बगना इलाके में बादल फटने की घटना सामने आई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। कई घर और वाहन मलबे में दब गए हैं।
बादल फटने से मचा हाहाकार
रामबन जिले में भारी बारिश के चलते अचानक बादल फटने की घटना हुई, जिसके बाद पहाड़ का मलबा सेरी बगना गांव की ओर बह आया। इस मलबे की चपेट में कई घर और लोग आ गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लगभग 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, यात्री फंसे
रामबन के बनिहाल इलाके में भी लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। मलबा गिरने की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। सड़क और परिवहन विभाग ने मौसम साफ होने तक हाईवे पर यात्रा न करने की अपील की है।
लैंडस्लाइड के वीडियो वायरल, वाहन और घर मलबे में दबे
सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पहाड़ से भारी मलबा गिरते हुए देखा जा सकता है। कुछ इलाकों में यह मलबा रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। तीन से चार टैंकर और कई निजी वाहन मलबे में दब गए हैं। इसके अलावा कुछ होटल और घर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
धर्मकुंड में 10 घर तबाह, 100 लोगों का रेस्क्यू
रामबन जिले के ही चेनाब नदी के किनारे बसे धर्मकुंड गांव में भी लैंडस्लाइड की बड़ी घटना हुई। इस गांव में 10 घर पूरी तरह तबाह हो गए जबकि 25 से 30 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। धर्मकुंड पुलिस ने तत्काल राहत कार्य चलाकर लगभग 90 से 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
उधमपुर में तूफान से भारी तबाही, पेड़ उखड़े
उधमपुर जिले के सतैनी पंचायत में तेज तूफान और बारिश ने भी तबाही मचाई। पंचायत के पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि कई पेड़ उखड़ गए जिससे बिजली आपूर्ति और यातायात दोनों प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, “पिछले चार-पांच सालों में इतनी तेज हवाएं मैंने पहली बार देखी हैं।”
अगले तीन दिन अलर्ट पर रहिए: मौसम विभाग
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो से तीन दिन तक जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रहेगा। विशेषकर रामबन, उधमपुर, पुंछ और बारामुला जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
आपदा प्रबंधन टीम सतर्क, राहत कार्य जारी
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और प्रशासन मिलकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। आवश्यक खाद्य सामग्री और प्राथमिक चिकित्सा के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बलों को भेजा गया है।
बादल फटने पर क्या करें –
- ऊंचाई वाले और नदी किनारे के क्षेत्रों से दूर रहें।
- प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
- बिजली और गैस की आपूर्ति बंद कर दें।
- जरूरी सामानों का एक आपातकालीन बैग तैयार रखें।















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