भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित निजी कॉलेज में ‘अजमेर 92’ जैसे सेक्स स्कैंडल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने कॉलेज के तीन पूर्व छात्रों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया है। आरोप है कि इन युवकों ने एक गैंग बनाकर पहले छात्राओं को प्यार के जाल में फंसाया, फिर उनका यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर उन्हें धमकाते हुए उनकी सहेलियों तक को अपने शिकंजे में लिया।
प्यार, दुष्कर्म और फिर वीडियो से ब्लैकमेलिंग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी युवकों ने पहले एक छात्रा से दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। फिर सुनियोजित तरीके से उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपियों ने पीड़िता की एक सहेली को बुलवाया और उसके साथ भी वही दरिंदगी दोहराई गई। उसके साथ भी दुष्कर्म कर वीडियो बनाया गया।
धीरे-धीरे सामने आई पूरी साजिश
जांच में सामने आया है कि यह कोई एक-दो बार की घटना नहीं थी, बल्कि एक संगठित साजिश थी। आरोपियों ने एक गैंग बनाकर कई लड़कियों को इसी तरीके से फंसाया और उनका यौन शोषण किया। पुलिस ने अब तक दो पीड़िताओं के बयान दर्ज किए हैं, लेकिन आशंका है कि पीड़िताओं की संख्या और भी अधिक हो सकती है। इस सिलसिले में पीड़ितों की पहचान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बेहद गोपनीय तरीके से आगे बढ़ रही है।
समाज और संप्रदाय की पहचान पर गरमाई सियासत
पुलिस सूत्रों के अनुसार सभी आरोपी एक अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं, जबकि पीड़ित छात्राएं बहुसंख्यक समाज से हैं। इसी आधार पर कुछ संगठनों ने इस पूरे प्रकरण को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए विरोध जताया है। हालांकि पुलिस अभी इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों की मंशा धार्मिक पहचान के आधार पर लड़कियों को टारगेट करने की थी या नहीं।
पुलिस की कार्रवाई और सख्त धाराएं
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 376D (सामूहिक दुष्कर्म), 354 (छेड़छाड़), 506 (धमकी देना), 120B (साजिश) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कोर्ट से पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि गैंग से जुड़े अन्य लोगों और पीड़िताओं का पता लगाया जा सके।
अजमेर 92 कांड की याद दिलाता मामला
इस कांड ने 1992 में राजस्थान के अजमेर में हुए उस शर्मनाक यौन शोषण कांड की याद ताजा कर दी है, जिसमें चिश्ती बंधुओं के नेतृत्व में एक गिरोह ने 100 से ज्यादा छात्राओं को बहला-फुसलाकर फार्म हाउसों पर ले जाकर उनके साथ बलात्कार किया था और फिर उनके फोटो और वीडियो से उन्हें सालों तक ब्लैकमेल किया गया था।
सरकार और समाज से उठते सवाल
भोपाल जैसे शांत शहर में इस तरह की घटना सामने आना न सिर्फ प्रशासन, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है। आखिर क्यों लड़कियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिल पा रहा? कॉलेज और स्कूल जैसी संस्थाओं में पढ़ने वाली छात्राएं कैसे गैंग का शिकार बन रही हैं? ये सवाल अब सरकार और पुलिस के सामने हैं।













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