ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा, मुख्यमंत्री ने जताया शोक, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
भोपाल। प्रदेश के रायसेन जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। बेगमगंज थाना क्षेत्र में एक टैक्सी (टेम्पो ट्रैक्स) पुलिया से टकराकर करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में मौके पर ही छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
हादसे की वजह: झपकी ले रहा था ड्राइवर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह टैक्सी एक पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रही थी, जिसमें 12 से अधिक लोग सवार थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, वाहन का ड्राइवर यात्रा के दौरान झपकी ले रहा था। नींद की झपकी के चलते वाहन अनियंत्रित हो गया और पुलिया की रेलिंग से टकराने के बाद गहरी खाई में गिर गया।
स्थानीय लोगों ने दी सूचना, शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। बेगमगंज थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए रायसेन जिला अस्पताल भेजा गया। ड्राइवर की हालत भी गंभीर बनी हुई है और उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का बयान:
“वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। इस लापरवाही ने कई जिंदगियां छीन लीं।”
— बेगमगंज थाना प्रभारी
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और थकान के बावजूद वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। ड्राइवर की झपकी सड़क पर मौत का कारण बन गई। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की हालत में वाहन चलाना शराब के नशे में ड्राइविंग जितना ही खतरनाक होता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की राय:
- यात्रा के दौरान हर दो घंटे में ड्राइवर को आराम देना चाहिए।
- क्षमता से अधिक लोगों को वाहन में बैठाना जानलेवा साबित हो सकता है।
- सार्वजनिक यातायात या टैक्सी सेवाओं में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों में रोष और दुख
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग को मजबूत किया जाए और रात के समय हाईवे पर ट्रैफिक की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए।













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