हिंगोना खुर्दा गांव में जाटव और गुर्जर समुदाय के बीच हुआ विवाद, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुरैना अंबेडकर जयंती पर निकाली जा रही एक रैली के दौरान डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। सोमवार देर रात मुरैना जिले के हिंगोना खुर्दा गांव में जाटव और गुर्जर समुदाय के बीच हुए इस टकराव में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात को जाटव समाज के लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर रैली निकाल रहे थे। रैली के दौरान डीजे बज रहा था। इसी दौरान गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने डीजे की आवाज कम करने की मांग की। बताया जा रहा है कि गुर्जर समाज के एक घर में बच्चे का जन्मदिन मनाया जा रहा था, जिस कारण उन्होंने शोर कम करने को कहा।
डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
फायरिंग में गई जान, दो घायल
घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, रात करीब 10 बजे गुर्जर समाज के कुछ युवकों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में संजय पिप्पल नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रानू दौनेरिया और एक अन्य व्यक्ति को गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
रानू को पहले जिला अस्पताल मुरैना लाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। अन्य घायल का भी इलाज जारी है।
गांव में तनाव, पुलिस का सख्त पहरा
घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। मुरैना से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और गांव में तैनात कर दिया गया है। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
पुलिस अधीक्षक का बयान:
“स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। दोषियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।”
हत्या के आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मृतक संजय पिप्पल का शव गांव में ही रखा गया है और पंचनामा कार्यवाही जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोषियों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
संबंधित धाराएं:
भारतीय दंड संहिता (IPC):
- धारा 302: हत्या – सजा: मृत्युदंड या आजीवन कारावास
- धारा 307: हत्या का प्रयास – सजा: 10 वर्ष तक कारावास, और जुर्माना
- धारा 147/148: दंगा और घातक हथियारों से लैस होकर दंगा – सजा: 3 से 5 वर्ष तक कारावास
समाजिक संगठनों ने की न्याय की मांग
घटना के बाद दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती जैसे पवित्र अवसर पर हुई यह हिंसा अत्यंत निंदनीय है और प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।













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