ग्वालियर के खासगी बाजार में आधी रात को मची अफरा-तफरी, पांच घंटे की मशक्कत के बाद काबू में आई आग
भोपाल। ग्वालियरशहर के खासगी बाजार स्थित काला गोपाल नामक तीन मंजिला रिहायशी इमारत में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण आग लग गई। हादसा रात करीब 3 बजे हुआ, जब बिल्डिंग के बेसमेंट में स्थित अवैध धागा निर्माण कारखाने में आग भड़क उठी। आग लगने के बाद वहां रखे एक के बाद एक पांच एलपीजी सिलेंडर फट गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान आग बुझाने में जुटे दो दमकलकर्मी और बिल्डिंग के पास खड़ा एक 12 वर्षीय बच्चा आयुष घायल हो गया।
आग ने तीन मंजिला इमारत को लिया चपेट में
आग सबसे पहले बिल्डिंग के बेसमेंट में बने धागा निर्माण कारखाने में लगी। चंद मिनटों में यह लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि दूसरी और तीसरी मंजिल के पांच फ्लैट इसकी चपेट में आ गए। रात के समय लोग गहरी नींद में थे, लेकिन जैसे ही फ्लैटों में धुआं भरना शुरू हुआ, लोगों की नींद खुल गई और उन्होंने भागकर जान बचाई।
लगातार हुए धमाके, सिलेंडरों से फैली आग
दमकलकर्मी जैसे ही मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश शुरू की, तभी सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए। लगातार पांच सिलेंडरों के फटने से आग और भी भयंकर हो गई। इसी दौरान दो दमकलकर्मी लोकेंद्र और पुष्पम सिंह गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं, बिल्डिंग के नीचे खड़ा 12 वर्षीय बच्चा आयुष धमाके से गिरी ईंट की चपेट में आ गया। सभी घायलों को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा
स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम को आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही थीं। अंततः एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 8 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका।
शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी से फैली आग
दमकल विभाग के अधिकारी सतपाल सिंह चौहान ने बताया कि आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी हो सकता है, हालांकि अभी जांच जारी है। उन्होंने कहा, “जब हमारी टीम आग बुझा रही थी तभी धमाका हो गया। सिलेंडरों के फटने से आग और फैल गई और दो हमारे साथी झुलस गए।”
स्थानीय निवासियों का आरोप: अवैध फैक्ट्री थी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि काला गोपाल बिल्डिंग एक रिहायशी इमारत है, लेकिन इसमें अवैध रूप से धागा बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। इमारत में रखे ज्वलनशील सामान और सिलेंडरों के कारण यह आग भड़की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सभी बाहर न निकलते, तो कई जाने जा सकती थीं।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस हादसे ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाके में अवैध फैक्ट्री किसकी अनुमति से चल रही थी? सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई? इन सवालों के जवाब प्रशासन को जल्द देने होंगे।
घायलों की हालत स्थिर, जांच के आदेश
फिलहाल तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बिल्डिंग में फैक्ट्री चलाए जाने की अवैधता की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।













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