दूल्हे ने मांगी कार, दहेज नहीं मिला तो बिना दुल्हन लौट गई बारात — पुलिस ने दूल्हा समेत 9 पर दर्ज किया केस

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भोपाल।  मध्यप्रदेश  के देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र स्थित बंगाली गांव में एक शादी उस वक्त टूट गई जब बत्ती मिलन की रस्म के दौरान दूल्हे ने अचानक कार की मांग कर दी। जब दुल्हन पक्ष ने यह मांग पूरी करने में असमर्थता जताई तो दूल्हा और उसका परिवार गाली-गलौज करते हुए बिना दुल्हन के ही बारात वापस इंदौर ले गया। घटना के बाद दुल्हन पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने दूल्हा समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज किया है।

ढाई साल पहले तय हुआ था रिश्ता, बिना डिमांड के

दुल्हन के पिता हेमराज सेन ने बताया कि ढाई साल पहले उन्होंने अपनी बेटी खुशबू की शादी इंदौर के बड़ा शिवपाल कॉलोनी निवासी जयेश पिता राकेश श्रीवास से तय की थी। रिश्ते के समय लड़के वालों ने कोई दहेज की मांग नहीं की थी। “हमने खुद उनसे पूछा था कि आपकी कोई मांग हो तो बताइए, तब उन्होंने कहा था हमें केवल लड़की चाहिए, और कुछ नहीं,” हेमराज ने बताया।

शादी की तारीख 4 दिसंबर 2024 तय हुई थी और परिवार ने पूरी तैयारी की। 29 नवंबर को तिलक की रस्म में 1 लाख 51 हजार रुपए नकद और सोने की अंगूठी दी गई थी।

शादी की रस्में हुईं पूरी, फिर सुबह मांगी कार

दुल्हन खुशबू ने पुलिस को बताया कि 4 दिसंबर को शाम 6 बजे के आसपास जयेश और उसका परिवार बारात लेकर उनके घर पहुंचा। रात में सारी शादी की रस्में पूरी की गईं और करीब 1:30 बजे फेरे हुए। लेकिन सुबह करीब 5 बजे जब बत्ती मिलन की रस्म हुई, तब दूल्हे जयेश और उसके परिवार ने अचानक कार की मांग रख दी।

जब लड़की पक्ष ने असमर्थता जताई, तो दूल्हा पक्ष ने गाली-गलौज शुरू कर दी। खुशबू ने बताया, “मेरे पिताजी ने कहा कि हमने अपनी हैसियत के अनुसार सारा सामान दिया है, कार देना संभव नहीं है। तब वे सब झगड़ा करने लगे और बिना दुल्हन के बारात लेकर चले गए।”

परिवार का दर्द – “15 दिन पहले बताते तो सोचते”

दुल्हन की मौसी अलका सेन ने कहा, “ढाई साल में कभी कोई डिमांड नहीं की, अब आखिरी वक्त में कार मांग रहे हैं। इतने कम समय में कार देना मुमकिन नहीं था। अगर पहले बताया होता तो हम सोचते।” उन्होंने कहा कि उनका परिवार अब मानसिक और सामाजिक रूप से टूट गया है और ऐसे लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

दूल्हे के पिता ने लगाए पलटवार के आरोप

वहीं, दूल्हे जयेश के पिता राकेश श्रीवास ने कहा, “हम पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। दुल्हन पक्ष पहले से हमें बदनाम करना चाहता था। हमारे बेटे को डिप्रेशन हो गया है। हमारे साथ मारपीट तक की गई। अगर हमारे परिवार को कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी लड़की वालों की होगी।”

पुलिस ने दर्ज किया मामला

उदय नगर थाने के बीड़ी बीरा थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में दूल्हे और उसके परिवार द्वारा शादी के बाद दहेज में कार की मांग की गई थी, जो दहेज प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन है।

इन धाराओं में केस दर्ज:

दूल्हा जयेश, उसके पिता राकेश, बहन खुशबू, जीजा जैनेंद्र, चाचा दिनेश, चाचा दिलीप, चाचा कमल, बुआ पिंकी बाई और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया गया है।

 


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