आयुष विभाग की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी का विज्ञापन, भोपाल में एफआईआर दर्ज

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भोपाल। अगर आप सरकारी नौकरी का फार्म भरते हो तो सावधान छप जाए, मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर एक फर्जी वेबसाइट के जरिए सरकारी नौकरी का झांसा देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आयुष विभाग और मप्र पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन (MPPHC) के नाम से बनाई गई इस फर्जी वेबसाइट पर हजारों नौकरियों के विज्ञापन डाले गए, जिससे कई युवा भ्रमित होकर आवेदन भी कर बैठे।

फर्जी वेबसाइट बनाकर सरकारी विभाग के नाम का किया गया दुरुपयोग
मार्च माह में बनाई गई इस वेबसाइट पर ‘ई-औषधि एमपी’ के नाम से विज्ञापन डाला गया था, जिसमें स्टोर मैनेजर, असिस्टेंट स्टोर मैनेजर और डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे कुल 2972 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इन पदों के लिए वेतन 26,000 से 36,000 रुपये प्रति माह बताया गया था।

फर्जी विज्ञापन को सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया, जिससे बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक इसके झांसे में आ गए। हालांकि आयुष विभाग, मप्र हेल्थ कॉर्पोरेशन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी प्रकार की ठगी की शिकायत औपचारिक रूप से दर्ज नहीं हुई है।

MPPHC के एमडी मयंक अग्रवाल ने दी सफाई
एमपी पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक मयंक अग्रवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि, “फर्जी वेबसाइट बनाई गई है और उस पर झूठे विज्ञापन डाले गए हैं। हमने साइबर सेल से इसकी जांच कराने की सिफारिश की है।”

कहाँ से बनाई गई थी वेबसाइट?
पुलिस और साइबर सेल इसकी जांच कर रहे हैं कि यह वेबसाइट कहाँ से और किसने बनाई। वेबसाइट को अब बंद करवा दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

 ऐसे करें पहचान और बचाव

क्लोन वेबसाइट और असली वेबसाइट में फर्क करने के लिए ये सावधानियां अपनाएं:

  • हमेशा सरकारी वेबसाइट के अंत में gov.in या nic.in की जांच करें।
  • ऐप केवल आधिकारिक वेबसाइट या प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें।
  • अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • फ्री वाई-फाई का उपयोग करते समय संवेदनशील जानकारी न भरें।
  • पर्सनल जानकारी शेयर करने से बचें।
  • प्राइवेसी से जुड़ी सेटिंग्स को हमेशा सक्रिय रखें।

 

सोशल मीडिया से हुआ खुलासा
दरअसल, मप्र स्वास्थ्य निगम के कुछ कर्मचारियों ने जब सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए इस विज्ञापन को देखा, तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने जब इसकी जांच की तो वेबसाइट और विज्ञापन दोनों ही फर्जी निकले।

ठगी का शक, पर शिकायत अब तक नहीं
हालांकि विभाग का कहना है कि अभी तक किसी भी आवेदक ने पैसे देने की शिकायत नहीं की है, लेकिन यह आशंका जताई जा रही है कि हजारों छात्रों के साथ लाखों की ठगी हो सकती है।

 

 ठगी की शिकायत कहाँ करें?

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल: www.cybercrime.gov.in
  • RBI का ‘सचेत’ पोर्टल: https://sachet.rbi.org.in
  • दूरसंचार विभाग का ‘चक्षु’ पोर्टल: https://www.sancharsaathi.gov.in

 

फर्जीवाड़े की नई चाल, युवाओं को बनाते हैं शिकार
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि बेरोजगारी और सरकारी नौकरी की चाह में युवा किस कदर ठगी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

 


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