भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए देवसर के चतुर्थ जिला जज दिनेश कुमार शर्मा के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। जबलपुर हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने यह आदेश सिंगरौली निवासी मंगल शरण की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिकाकर्ता ने बताया था कि वर्ष 2019-20 में उनकी डायवर्टेड (आवासीय प्रयोजन वाली) जमीन का अधिग्रहण किया गया, लेकिन मुआवजा कृषि भूमि के अनुसार तय किया गया। उन्होंने मुआवजा बढ़ाने के लिए देवसर के सम्यक प्राधिकारी के समक्ष आवेदन दिया था, जिसे जज ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कलेक्टर की ओर से रेफरेंस नहीं भेजा गया।
हाईकोर्ट ने इस आदेश को विधिसम्मत न मानते हुए खारिज कर दिया और दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जिला जज का यह व्यवहार न्यायिक मर्यादाओं के विपरीत है और इससे नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
कोर्ट ने सिंगरौली के प्रधान जिला जज को आदेश दिया है कि दिनेश शर्मा की पिछले पांच वर्षों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर तीन महीने में विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। यदि अन्य मामलों में भी अनियमितताएं मिलती हैं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह आदेश न्यायपालिका में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













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