नाम में यादव पहले, काम में मनमानी! बिजली कटौती पर भड़के जनप्रतिनिधि

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बिजली कटौती को लेकर जिला पंचायत बैठक में हंगामा, अधिकारियों से जवाब तलब

भोपाल। बिजली कटौती और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में गुरुवार को भारी हंगामा हुआ। जनपद पंचायत फंदा के अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बिजली कंपनी के डीजीएम पंकज यादव को घेरते हुए आरोप लगाया कि वे मनमर्जी से गांवों के बिजली कनेक्शन काट रहे हैं, जिससे ग्रामीण गर्मी में बेहाल हैं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर, सीईओ इला तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान प्रमोद सिंह राजपूत ने डीजीएम से सवाल किया कि आखिर बिना ठोस वजह के पूरे गांव की बिजली क्यों काटी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंकज यादव अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और राजनीतिक कारणों से फैसले ले रहे हैं। इस पर डीजीएम ने विरोध जताया, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे जनता के हित में बोल रहे हैं और इस मामले को वायरल करने से भी नहीं डरते।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से किसान, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी में पेयजल की भी भारी समस्या हो गई है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार ढाई साल से बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट और अन्य सदस्यों ने अधिकारियों से नल-जल योजना, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों की जानकारी मांगी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी जताई। पीएचई अधिकारी संजय सक्सेना को घेरते हुए कहा गया कि ढाई साल में सिर्फ डीपीआर ही बन रही है, लेकिन काम नहीं हो रहा।

सीईओ इला तिवारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी से जुड़े सभी लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का जल्द समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बैठक में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण, स्कूटी और साइकिल वितरण, जर्जर शालाओं के पुनर्निर्माण, सरकारी अस्पतालों में महिला डॉक्टरों की नियुक्ति और बिजली के तारों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि किसानों को बिजली बिल जमा करने के लिए अधिक समय दिया जाए और गेहूं तुलाई केंद्रों पर पेयजल और टेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

 

“Yadav first in name, arbitrariness in work! Public representatives angry over power cuts”


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