भोपाल। मध्यप्रदेश में बढ़ते घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस विधायकों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने ‘कुंभकरण’ बनी सरकार को जगाने के लिए प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने कुंभकरण का रूप धारण किया, जबकि अन्य विधायकों ने बीन बजाकर सरकार को जगाने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान दिनेश जैन जमीन पर लेटे रहे और जब उन्हें जगाने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा, “मैं तभी जागूंगा जब मेरी इच्छा होगी।” इस पर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों पर आंखें मूंदकर बैठी है और जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही।
कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नर्सिंग घोटाला, परिवहन घोटाला और पटवारी भर्ती घोटाला सामने आ चुके हैं, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में जुटी हुई है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं, किसानों को खाद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है।
इससे पहले भी विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न तरीकों से प्रदर्शन किए हैं, जिनमें काली पट्टी बांधकर विरोध जताना, साँप की टोकरी और गेहूं की बालियां लेकर प्रदर्शन करना शामिल है। इस बार के प्रतीकात्मक विरोध ने सत्ता पक्ष को घेरने का नया तरीका अपनाया।
परिवहन घोटाले को लेकर उमंग सिंघार ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाकर 51 किलो सोने की बरामदगी पर सरकार से जवाब मांगा, लेकिन कोई स्पष्ट उत्तर न मिलने के कारण कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार घोटालों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।













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