भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बजट को खोखला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, जिससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार कर्ज के सहारे चल रही है, लेकिन महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही जनता के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
सिंघार ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी समुदाय के लिए बजट में कम आवंटन पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण के लिए मात्र 0.60% और ओबीसी वर्ग के लिए केवल 0.30% बजट दिया गया है, जो उनके साथ भेदभाव को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने प्रदेश में दलितों और आदिवासियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर चिंता जताई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि नर्सिंग घोटाला, नल-जल योजना घोटाला और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र और गौशालाओं की बदहाल स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा पर केवल 1.03% और तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास पर मात्र 0.65% बजट खर्च किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इन क्षेत्रों में इतना कम निवेश हो रहा है, तो सरकार युवाओं को रोजगार कैसे देगी?
सिंघार ने बजट को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि सरकार केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में आम जनता के लिए कोई राहत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखकर ठोस नीतियां बनाए ताकि प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधर सके।













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