भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन विपक्ष ने सीएजी रिपोर्ट 2022 में उजागर हुई गड़बड़ियों को लेकर मंगलवार को जोरदार हंगामा होने के आसार हैं। रिपोर्ट में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, संबल योजना, नल जल योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
सीएजी रिपोर्ट में योजनाओं की अनियमितताएं उजागर
सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, नल जल योजना में 34.07 प्रतिशत घरों में अब तक नल कनेक्शन नहीं हैं, और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं हो रही है। अंत्येष्टि सहायता योजना में 1.68 करोड़ रुपये अपात्र खातों में जमा किए गए, जबकि विवाह सहायता योजना में बिना पंजीकरण वाले 41 बैंक खातों में 38.92 लाख रुपये भेजे गए। प्राकृतिक आपदा राहत राशि के नाम पर 2018 से 2022 के बीच अपात्र लोगों को 23.81 करोड़ रुपये वितरित किए गए।
सरकारी जमीन आवंटन और संबल योजना में गड़बड़ी
रिपोर्ट में सरकारी जमीन आवंटन में भी अनियमितता उजागर हुई है। भोपाल में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को नियमों के विरुद्ध जमीन आवंटित करने से सरकार को 65.5 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। वहीं, संबल योजना के तहत 67 लाख 48 हजार श्रमिकों को अपात्र घोषित कर दिया गया, और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं हुई।
विपक्ष का हमला, सरकार पर गंभीर आरोप
ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बसों की जगह स्कूटरों और मोटरसाइकिलों के बिलों का भुगतान कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान और संबल योजना में भी बड़े घोटाले होने की बात कही।
सरकार का जवाब, पीएसी करेगी जांच
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने सीएजी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट लोक लेखा समिति (पीएसी) में जाएगी और वहां परीक्षण के बाद उचित कार्रवाई होगी। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।













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